“8 स्टॉल, 100 बच्चियां और सीरत-ए-तैय्यबा की कहानी: अल-बनात नूरा में मॉडल-क्राफ्ट से सजा अनोखा इस्लामी इतिहास”
सिरते तैय्यबा की झलक: 8 स्टॉल में बच्चियों ने पेश की हुज़ूर ﷺ की जिंदगी और इस्लामी इतिहास की कहानी मदरसा यतीमखाना अल-बनात नूरा में हुआ खास कार्यक्रम, मॉडल और क्राफ्ट के जरिए बच्चियों ने लोगों को दी जानकारी हजारीबाग | मदरसा यतीमखाना अल-बनात नूरा में ‘सीरते तैय्यबा वा नुमाइश-ए-फुतूहाते इस्लाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 8 अलग-अलग स्टॉल लगाए गए, जहां बच्चियों ने मॉडल, क्राफ्ट और प्रस्तुतियों के जरिए पैगंबर हजरत मोहम्मद ﷺ की जिंदगी और इस्लामी इतिहास के अहम पड़ावों को लोगों के सामने पेश किया। 8 स्टॉल में दिखाई गई सीरत की झलक 🔹 पहला स्टॉल: हुज़ूर ﷺ की विलादत (पैदाइश) से पहले के हालात को मॉडल और क्राफ्ट के जरिए दिखाया गया। इस स्टॉल पर चार बच्चियों ने आने वाले लोगों को मॉडल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। 🔹 दूसरा स्टॉल: सफा पहाड़ी पर हुज़ूर ﷺ की तकरीर और लोगों को दिए गए पैगाम को प्रस्तुति के जरिए दिखाया गया। 🔹 तीसरा स्टॉल: मक्का से मदीना की हिजरत की पूरी कहानी को मॉडल के माध्यम से पेश किया गया। 🔹 चौथा स्टॉल: इस्लाम की पहली जंग जंग...